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भारत की समुद्री कानूनों में क्रांतिकारी बदलाव: संसद ने Merchant Shipping Bill, 2025 पारित किया

Babita Pant

नई दिल्‍ली 12 Aug, 2025 12:26 pm

6 अगस्त 2025 को लोकसभा और 11 अगस्त को राज्‍यसभा में पेश किए गए Merchant Shipping Bill, 2025 को संसद ने पारित कर दिया। यह बिल 1958 के Merchant Shipping Act को बदलते हुए 16 खंडों और 325 धाराओं वाले एक आधुनिक, सुव्यवस्थित कानूनी ढाँचे को स्थापित करता है। इसके तहत समुद्री सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और पर्यावरण संरक्षण समेत नाविक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है। यह कदम भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में अग्रणी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

अधिनियम का स्थानांतरण

  • Merchant Shipping Bill, 2025, Merchant Shipping Act, 1958 को प्रतिस्थापित करता है, जो अब पुराना और जटिल हो चुका था। पुराने कानून में 561 धाराएँ थीं, जिन्हें अब 16 खंडों और 325 धाराओं वाली सुव्यवस्थित संरचना से बदला गया है।

सुरक्षा, पर्यावरण और नाविक कल्याण

  • बिल समुद्री सुरक्षा को मजबूत करता है, आकस्मिक स्थिति के लिए तत्परता में सुधार लाता है, और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करता है।
  • इसमें भारतीय और विदेशी नाविकों के कल्याण, सुरक्षा और काम की स्थिति को प्राथमिकता दी गई है।

सरल एवं निवेश आकर्षण

  • विधेयक अनुपालन में जटिलता को कम करता है, लालफीताशाही घटाता है, और निवेश को आकर्षित करने के लिए भारत को एक प्रतिस्पर्धी समुद्री अधिकार क्षेत्र बनाता है।

आकस्मिकता, औचित्य और जवाबदेही

  • इससे संबंधित घटनाओं—जैसे जहाज़ दुर्घटनाएँ या टकराव—की जांच के लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
  • साथ ही, जवाबदेही और क्षतिपूर्ति की सीमा का प्रावधान भी शामिल है।

रणनीतिक महत्व

  • यह विधेयक भारत की वैश्विक समुद्री प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने का निर्णायक कदम है।
  • यह “भारतीय टनरिज़्म” को बढ़ावा देता है, निवेश को आकर्षित करता है और नवाचार को बढ़ावा देता है—विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जैसे ग्रीन शिपिंग और तटीय विकास।
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