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प्याज को सियासी मुद्दा बनाने की तैयारी, केंद्र ने लगाई निर्यात पर रोक 

TLB Desk

नई दिल्‍ली 15 Sep, 2020 02:15 pm

प्याज एक बार फिर से सियासी मुद्दा बनने के लिए तैयार है. केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्याज की सभी तरह की किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. इसके लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना भी जारी है. सरकार की ओर से प्याज़ के निर्यात पर प्रतिबंध का फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब प्याज़ की क़ीमतें हर गुज़रते दिन के साथ बढ़ती जा रही हैं. राजधानी दिल्ली में प्याज़ 40 रु. प्रति किलो बिक रही है तो वहीं कई शहरों में 50 रु. प्रति किलो तक प्याज़ का दाम हैं. 

भारत में प्याज़ गाहे बगाहे एक बड़ा सियासी मुद्दा बन जाती है. प्याज़ के मुद्दे पर सियासत गहराने का सिलसिला सबसे पहले 1980 के दशक में शुरु हुआ था और प्याज चुनावी मुद्दा बनी थी. उस समय पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तत्काल प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार पर प्याज़ के दाम नियंत्रित रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था. इसके बाद हुए चुनाव में इंदिरा गांधी 1980 में लोकसभा चुनाव जीतकर दोबारा सत्ता में आई थीं. 

दिल्ली में भी 1998 में विधानसभा का चुनाव जिन मुद्दों पर लड़ा गया था उनमें प्याज़ का मुद्दा भी काफ़ी अहम था. प्याज़ के बढ़ते दाम ने चुनाव का ऐसा रुख बदला कि शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने भाजपा को मात्र 14 सीटों पर समेट कर रख दिया. इसके बाद भी जब-जब प्याज़ के दाम बढ़े सरकार की नींद उड़ने लगी. 2019 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भी प्याज़ का मुद्दा ख़ूब गर्माया था. यही नहीं मोदी सरकार को भी कई बार प्याज़ के बढ़े दामों के चलते आलोचना का सामना करना पड़ा है और विपक्ष ने सरकार को ख़ूब घेरा. यहां तक कि संसद की कार्यवाही में प्याज़ का मुद्दा कई बार छा चुका है. 

आपको बता दें प्याज़ उत्पादन के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है जबकि पहले नंबर पर चीन है. भारत में प्याज़ का उत्पादन सबसे ज़्यादा महाराष्ट्र में होता है. यही नहीं एशिया की सबसे बड़ी प्याज़ की थोक मंडी लासलगांव भी यहीं स्थित है. इसके अलावा ओडिशा, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश में मौसम के मुताबिक़ अलग-अलग समय पर प्याज़ की खेती की जाती है. 

भारत बांग्लादेश, मलेशिया, यूएई और श्रीलंका को सबसे ज़्यादा प्याज़ निर्यात होता है. भारत ने अप्रैल-जून के दौरान 19.8 करोड़ डॉलर के प्याज का निर्यात किया था.

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