भारत समेत दुनियाभर में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अहम मोड़ आज है। SAT 2025–26 सत्र के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 8 अगस्त है, और कॉलेज बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र इस अवसर को चूकते हैं, उन्हें अगली परीक्षा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यह खबर खासकर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर या अन्य देशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन की योजना बना रहे हैं।
SAT (Scholastic Assessment Test) एक स्टैंडर्ड एंट्रेंस परीक्षा है जो छात्रों की रीडिंग, राइटिंग और मैथ्स क्षमता को परखती है। इसे कॉलेज बोर्ड द्वारा संचालित किया जाता है और यह परीक्षा अधिकांश अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अनिवार्य या वैकल्पिक मानी जाती है। हाल ही में इसे डिजिटल फॉर्मेट में बदला गया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सहज और सुलभ हो गई है।
कॉलेज बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस सत्र की पहली परीक्षा 23 अगस्त 2025 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो ‘early action’ या ‘early decision’ प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालयों में आवेदन करना चाहते हैं। SAT स्कोर उन छात्रों की योग्यता और अकादमिक तैयारी का प्रमाण होता है जो विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसर तलाश रहे हैं।
इस वर्ष, SAT का फॉर्मेट पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, जिससे छात्रों को परीक्षा केंद्र पर पेपर-आधारित उत्तर पुस्तिकाओं से मुक्ति मिली है। छात्र अब लैपटॉप या टैबलेट पर परीक्षा देंगे। जिन छात्रों के पास डिवाइस नहीं हैं, उनके लिए कॉलेज बोर्ड की ओर से डिवाइस लोन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों या संसाधनों से वंचित छात्रों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
SAT डिजिटल परीक्षा की विशेषताएँ:
भारत में SAT देने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर COVID-19 के बाद विदेश शिक्षा के रुझानों में फिर से तेजी आई है। कॉलेज बोर्ड द्वारा घोषित डेटा के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 50,000 भारतीय छात्रों ने SAT परीक्षा दी थी। इस वर्ष यह आंकड़ा 60,000 के पार जा सकता है।
SAT के लिए पंजीकरण प्रक्रिया:
छात्रों को कॉलेज बोर्ड की वेबसाइट (https://www.collegeboard.org/) पर जाकर एक अकाउंट बनाना होता है। उसके बाद वे परीक्षा तिथि, केंद्र और भुगतान विकल्पों का चयन कर पंजीकरण कर सकते हैं। सामान्य रजिस्ट्रेशन फीस लगभग $60 (लगभग ₹5,000) है, जबकि लेट फीस और अंतरराष्ट्रीय शुल्क अलग से जुड़ सकते हैं।
वित्तीय रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कॉलेज बोर्ड द्वारा फीस वेवर (Fee Waiver) की सुविधा भी प्रदान की जाती है, जिससे योग्य छात्र मुफ्त में परीक्षा दे सकते हैं। इसके लिए विद्यालय से सत्यापन या अनुशंसा पत्र की आवश्यकता होती है।
परीक्षा की तैयारी के लिए कई संसाधन उपलब्ध हैं, जैसे:
भारत में SAT स्कोर स्वीकार करने वाले विश्वविद्यालय:
भारत के कई प्रमुख विश्वविद्यालय जैसे अशोका यूनिवर्सिटी, शिव नाडर यूनिवर्सिटी, और ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी अब SAT स्कोर को प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा बना चुके हैं। यह छात्रों के लिए विकल्पों को और विस्तृत करता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि SAT केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा की ओर पहला कदम है। जो छात्र विदेशों में पढ़ने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आज पंजीकरण की अंतिम तिथि को देखते हुए, छात्रों और अभिभावकों को चाहिए कि वे बिना देर किए आवश्यक दस्तावेज़ तैयार कर फॉर्म भरें। अगली परीक्षा तारीख दिसंबर 2025 में संभावित है, जो कई विश्वविद्यालयों की अंतिम आवेदन तिथि के बाद आती है।
Leave Your Comment