15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां उन्होंने लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराकर नया रिकॉर्ड बनाया। अपने भाषण में उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बहादुर सैनिकों का सम्मान किया, आत्मनिर्भर भारत पर ज़ोर दिया और ‘विकसित भारत 2047’ की रूपरेखा साझा की। समारोह में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्प वर्षा और 21 तोपों की सलामी ने माहौल को गरिमामय बना दिया।
राजघाट से लाल किले तक – दिन की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। मौन रखकर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने उनका स्वागत किया।
तिरंगा फहराने का ऐतिहासिक क्षण
लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया। यह उपलब्धि उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर सबसे अधिक बार झंडा फहराने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची में दूसरे स्थान पर ले आई। झंडा फहराने के बाद राष्ट्रीय गान हुआ और पूरे वातावरण में देशभक्ति की गूंज फैल गई।
पुष्प वर्षा और सम्मान गार्ड
भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने समारोह स्थल के ऊपर उड़ान भरते हुए फूलों की वर्षा की। एक हेलीकॉप्टर तिरंगा लिए था, जबकि दूसरे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रतीक झंडा लहराया। गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी के साथ यह दृश्य समारोह का आकर्षण बन गया।
'ऑपरेशन सिंदूर' के नायकों को सलाम
अपने संबोधन की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में वीरता दिखाने वाले सैनिकों को नमन किया। उन्होंने इसे भारत की आत्मनिर्भर सुरक्षा क्षमता का प्रमाण बताया और कहा कि हमारे सैनिक देश की रक्षा में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक व्यापार चेतावनी
मोदी ने भाषण में आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए विदेशी व्यापार निर्भरता से सावधान किया। उन्होंने उदाहरण दिया कि अमेरिका द्वारा 50% आयात शुल्क लगाए जाने जैसे कदम भारत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, इसलिए घरेलू उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है।
विकसित भारत 2047 का खाका
प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अपने विजन को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ‘जनभागीदारी’, ‘नवाचार’ और ‘स्थानीय से वैश्विक’ के सिद्धांतों पर आधारित होगी। उन्होंने युवाओं, किसानों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों को इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
थीम और कार्यक्रम की भव्यता
इस वर्ष समारोह की थीम थी “नया भारत”, जो देश के भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाती है। एनसीसी कैडेट्स ने ‘नया भारत’ का प्रतीक बनाकर देशभक्ति का संदेश दिया। समारोह में 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोग शामिल थे।
तीसरे कार्यकाल का पहला भाषण
यह प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 12वां और तीसरे कार्यकाल का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण था। इसे देश-विदेश में लाइव प्रसारित किया गया, ताकि हर भारतीय इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बन सके।
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