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राष्‍ट्रीय जनता दल के वरिष्‍ठ नेता डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन

TLB Desk

नई दिल्‍ली 13 Sep, 2020 01:20 pm

राष्‍ट्रीय जनता दल के वरिष्‍ठ नेता डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन हो गया है. बिहार के वैशाली लोकसभा क्षेत्र से प्रतिनिधत्‍व करने वाले डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के कार्यकाल में ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना लागू की गई थी जो इस करोना काल में करोड़ों लोगों के जीवन यापन में मददगार बना है.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गहरा शोक व्‍यक्‍त किया है. उन्‍होंने अपने संदेश में कहा कि वे ग्रामीण भारत की समझ रखने वाले एक बेहतरीन नेता थें.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दु:ख व्‍यक्‍त किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि रघुवंश बाबू के जाने से बिहार और देश की राजनीति में शून्य पैदा हुआ है.

रघुवंश प्रसाद के निधन पर बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गहरा शोक व्‍यक्‍त किया है. एक ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि

'' प्रिय रघुवंश बाबू! ये आपने क्या किया?
मैनें परसों ही आपसे कहा था आप कहीं नहीं जा रहे है। लेकिन आप इतनी दूर चले गए।
नि:शब्द हूँ। दुःखी हूँ। बहुत याद आएँगे।''

बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'आदरणीय रघुवंश बाबू! अभी चंद दिन पहले तो AIIMS में आपसे बात हुई थी. मेरे द्वारा जल्द स्वस्थ होने की बात कहने पर आपने कहा था जल्द बाहर आकर साथ में कड़ा संघर्ष करेंगे. पिता जी के जेल जाने के बाद आप चंद लोग ही तो ऊर्जा और प्रेरणा देते रहे है. अचानक चले गए आप और मुझे लगभग अकेला कर गए.'

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री रघुवंश प्रसाद सिंह जी के निधन के साथ ही गांव व किसान की एक मज़बूत आवाज़ सदा के लिए खो गई है. गांवों व किसानों के उत्थान के लिए उनकी सेवा और लगन तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके संघर्ष को सदा याद रखा जाएगा.

यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने ट्वीटर संदेश में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रघुवंश प्रसाद जी के आज दिल्ली के एम्स में हुए निधन से देश ने ग़रीबों के लिए बुलंद आवाज़ से तर्क रखने वाले एक ज़मीनी और समर्पित नेता को खो दिया है.

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का जन्‍म वैशाली में 6 जून 1946 को हुआ था. रघुवंश प्रसाद सिंह गणित में पीएच.डी. थें और बिहार विश्‍वविद्यालय से जुड़े कॉलेज में प्रोफेसर रहे थें.

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